Ticker

6/recent/ticker-posts

सियासत के बदलते दिनमान | Congress vs Regional parties

साल 2014 में जब कांग्रेस सत्ता से बाहर हुई और ऐतिहासिक रूप से सीटों में गिरावट के साथ साथ जब NDA ने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पूर्ण बहुमत हासिल किया था, तब यह चर्चाएं जोरो पर थी कि कांग्रेस कमजोर होकर बिखर सकती है, ठीक वैसे ही है जैसे आज बंगाल में TMC और बीते सालों में महाराष्ट्र में शिवसेना की टूटन या  आप पार्टी में राज्यसभा वाला हाल...! दरअसल सियासत का दस्तूर है कि हमेशा चढ़ते सूरज को ही नमन किया जाता है । 2014 के बाद कांग्रेस का राज्यों और लोकसभा में कमजोर प्रदर्शन ने राहुल गांधी के नेतृत्व और कांग्रेस के फ्यूचर पर सवाल खड़े किए।  बावजूद इसके  राजनीतिक पंडितों का मानना रहा, कि बीजेपी को सिर्फ कांग्रेस ही फाइट दे सकती है, हालाकि रीजनल पार्टियों ने भी कांग्रेस की सियासी कमजोरियों का फायदा उठाया । 
उस कालखंड को, में हालिया घटनाक्रम से जोड कर अध्ययन करता हूँ तो साफ निष्कर्ष है कि कांग्रेस शने  शने अपने पूराने सियासी तेवर में आती दिखाई देती है। अब आज ही जब इंडी गठबन्धन की दिल्ली में मीटिंग चल रही है, ममता बनर्जी स्वयं दिल्ली में है तभी खबर यह निकलती है कि TMC MP सुखेंदु रॉय ने राजयसभा से इस्तीफा दे दिया और सियासी आशंका जताई जा रही है कि टीएमसी में अभी कुछ और सांसदों के पार्टी से बगावत हो सकतीं है ठीक जैसा उद्धव ठाकरे, और शरद पवार की पार्टी के साथ हुआ और बीते महीने ही अरविन्द केजरीवाल के साथ पंजाब के राज्यसभा सांसदों ने किया। 
यही सियासत का टेस्ट है और इसकी असल समीक्षा एवं परीक्षा तब होती है जब पार्टी को हार का सामना करना पड़े ।
अब इन राजनीतिक उदाहरणों को कांग्रेस के परिप्रेक्ष्य में देखे तो गुजरे सालों में कांग्रेस ने बेशक आशातीत प्रदर्शन नहीं किया , उसके बड़े लीडर बेशक साथ छोड़ गए लेकिन पार्टी का कैडर, संगठन और विचारधाराएं बनी रही। आज भी कश्मीर से केरल तक कांग्रेस के संगठन और कैडर बना हुआ है। रीजनल पार्टियां जो कभी कांग्रेस का मजाक बनाती थी आज खुद एक चुनाव हारते ही बिखराव की कगार पर है । कांग्रेस ने खुद को संतुलित करते हुए धीरे धीरे ही सही, लेकिन आगे बढ़ती दिख रही है।
सियासी दिनमान कभी एक से नहीं होते, निसंदेह कांग्रेस आज भी संघर्ष में है लेकिन यह भी यकीनी रूप से वाजिब है कि आवाम में कांग्रेस का स्थान बना हुआ है और जो रीजनल पार्टियां कांग्रेस के गुलदस्ते से कभी निकली थी, वे देर सवेर वापस उसी गुलदस्ते में मिल अथवा कांग्रेस से अलायंस कर सकती है 
( Durga Sharan Dubey)
https://x.com/DurgasharanDube

#Congress #BJP #राहुलगांधी #TMC #politicsnews #NarendraModi 

एक टिप्पणी भेजें

0 टिप्पणियाँ