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राजस्थान : नए पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से कई जिलों में मावठ की बारिश, नए साल पर बदला राजस्थान में मौसम का मिजाज

 

नए साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है. इसके साथ ही मौसम ने भी अपना रंग दिखाना शुरू कर दिया है. बेशक राजस्थान में अभी तक सर्दी ने अपने कड़क रंग नहीं दिखाए थे लेकिन  नए साल की शुरुआत कड़ाके की सर्दी और घने कोहरे के साथ हुई। दिनभर ठंड ने जनजीवन को प्रभावित किया। शेखावाटी क्षेत्र में ओस बर्फ बनकर जमने लगा है, इससे ठिठुरन बढ़ गई है. इसके अलावा  राजस्थान के कई जिलों में कोहरे का असर भी तेज हो गया है. 

वहीं राज्य में गुरूवार की सुबह से अचानक मौसम ने करवट ली है और राजस्थान के कई इलाकों में अलसुबह मावठ की बारिश हुई, जिससे सर्दी और गलन बढ़ गई.गुरुवार को राज्य के कई जिलों के तापमान में गिरावट दर्ज हुई. राजस्थान के पूर्वी छोर पर स्थित धौलपुर भी नए साल में कड़ाके की शीत लहर और ठंड से ठिठुरता रहा,  धौलपुर जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी के निर्देश पर धौलपुर चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग ने आमजन के लिए शीतलहर से बचाव हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश और एडवाइजरी जारी की है। वही कृषि विभाग धौलपुर ने भी विगत दिनों से तापमान में  गिरावट एवं शीतलहर चलने के कारण फसलों पर पाला पड़ने की संभावना के चलते चेतावनी जारी की गई है। संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार जिला परिषद धौलपुर प्रभुदयाल शर्मा ने बताया कि पाले से सरसों, सब्जियों एवं अन्य फसलों के फल-फूल झुलसकर गिर जाते है जिससे उत्पादन पर विपरित प्रभाव पड़ता है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि पाले की संभावना होने पर खेत में हल्की सिंचाई करें। जिससे भूमि का तापमान उचित बना रहे। उन्होंने बताया कि इसके अलावा खेत की मेड़ों पर धुंआ करना भी लाभादायक रहता है।

दरअसल साल 2026 के शुरुआत के साथ ही पश्चिमी विक्षोभ के असर से राजस्थान के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला है. राज्य के कई जिलों में मावठ की बारिश दर्ज की गई है, हालाकि खेती किसानी के लिहाज से मावठ को रबी फसलों के लिए वरदान माना जाता है लेकिन इससे मौसम में ठंडक और शीत सक्रियता बढ़ जाती हैं जिसके जारी रहने के अनुमान है

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